American computer programmer
Brian Acton is an American computer programmer and Internet entrepreneur. He is the co-founder of WhatsApp, a mobile messaging application which was acquired by Facebook Inc. in February 2014 for US$19 billion. He was formerly employed at Yahoo Inc.
दोस्तों के साथ अपने फोटो, गाने शेयर करते हैं, पर हम WhatsApp का इतिहास नहीं जानते। ब्रायन ऐक्टन (Brian Acton) जो कि आज सभी के Android फोन में यूज़ होने वाली WhatsApp अप अप्लीकेशन के co-founder हैं, आज से लगभग 6 साल पहले 2009 में फेसबुक पे जॉब के लिए गए थे। उनका सपना था कि वो फेसबुक में जॉब करे, परन्तु फेसबुक ने उन्हें जॉब पर नहीं रखा, और रिजेक्ट कर दिए।
ब्रायन ऐक्टन (Brian Acton) इससे बहुत दुखी हुए, परन्तु उन्होंने हार नहीं मानी और जॉब के लिए ट्विटर पर अप्लाई किया, परन्तु यहाँ भी उन्हें निराशा ही मिली, और उन्हें ट्विटर ने भी रिजेक्ट कर दिया। आज के समय में अगर किसी को एक ही बार किसी कम्पनी से रिजेक्ट कर दिया जाता है, तो या तो वह कुछ गलत कदम उठा लेता है, या फिर अपनी खुद की योग्यता और काबिलियत पर शक करने लगता है।
आज लोग अपने को एक जगह से रिजेक्ट होता देख, खुद को बहुत निराश और हताश कर लेते हैं। ब्रायन ऐक्टन (Brian Acton) ने ऐसा कुछ नहीं किया। वो उठे और फिर से एक नयी आशा के साथ उन्होंने एक नयी शुरुआत की। उन्होंने खुद और अपने दोस्त के साथ मिलकर दिन रात मेहनत की, और अपने बुलंद हौसले और इरादो के दम पर Whatsapp को बना डाला। वो Whatsapp जिससे आज पूरी दुनिया जुडी हुई हैं।
अब 5 साल बाद उसी फेसबुक ने जिसने 6 साल पहले ब्रायन ऐक्टन (Brian Acton) को अपने यहाँ जॉब पर भी नहीं रखा था, उसी फेसबुक ने उनकी बनी अप्लीकेशन WhatsApp (व्हात्सप्प) को 19 बिलियन डॉलर में ख़रीदा, जो भारतीय रुपयों के हिसाब से लगभग एक लाख करोड़ रूपये से भी अधिक की धनराशि है। ब्रायन ऐक्टन (Brian Acton) जिस कंपनी में नौकरी मांगने गए थे, आज वो उसी कंपनी के शेयर होल्डर बन गये। दोस्तों इसे कहते हैं आत्मविश्वास। जिस कंपनी में वो एक छोटी सी नौकरी माँगने गए थे, उसी कंपनी ने उनकी बनी अप्लीकेशन WhatsApp (व्हात्सप्प)। को खरीदने के लिए 19 बिलियन डॉलर दिए। जो आज तक की सबसे बड़ी डील मानी गयी है। जिस कंपनी में जॉब करने का उनका सपना था, वो उसी कंपनी में शेयर होल्डर बन गये। दोस्तों आपकी सफलता आपकी सोच पर निर्भर करती हैं।
आप अपनी एक असफलता से दुखी होकर अपनी ज़िन्दगी को खत्म कर लेते हैं, या अपनी उसी असफलता से मिले दुःख को अपनी ताकत बनाकर फिर से नई उम्मीद के साथ पुनः अपनी सफलता के लिए प्रयास करने लग जाते हैं। आप अपनी एक असफलता से थककर बैठ जाते हैं, या अपनी उस असफलता से अपने को पहले से भी अधिक मजबूत बनाते हैं। दोस्तों अपने अंदर छुपी क्षमता को पहचानिये और एक नयी ऊर्जा के के साथ उठ खड़े होइए आप जरूर सफल होंगे।☺

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